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अगले चैत्र नवरात्रि तक नक्सलवाद का खात्मा…दंतेवाड़ा में गरजे अमित शाह

केंद्रीय मंत्री गृह अमित शाह ने शनिवार को दंतेवाड़ा में कहा कि अगले साल तक नक्सलवाद खत्म हो जाएगा.उन्होंने कहा कि बस्तर लाल आतंक से मुक्त होने के कगार पर है. बस्तर विकास के रास्ते पर चल पड़ा है. अगली चैत्र नवरात्र में लाल आतंक का खात्मा हो जाएगा.

 

दंतेवाड़ा में आयोजित ‘बस्तर पंडुम’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि वे दिन चले गए जब यहां गोलियां चलती थीं और बम धमाके होते थे इसलिए मैं एक बार फिर नक्सली भाइयों से आग्रह करता हूं जिनके हाथ में हथियार है वो और जिनके हाथ में हथियार नहीं है वो…सब मुख्यधारा में लौट आएं क्योंकि कोई भी नक्सली मारा जाता है किसी को आनंद नहीं होता है.

विकास का स्वर्णिम कालखंड देख रहा बस्तर

मगर इस क्षेत्र को विकास चाहिए. शाह ने कहा कि जो 50 साल में यहां नहीं हुआ वो हमारे प्रधानमंत्री पांच साल में यहां देना चाहते हैं. मोदी सरकार में बस्तर नक्सलमुक्त हो रहा है और विकास का स्वर्णिम कालखंड देख रहा है.

 

शाह ने बाबू जगजीवन राम को दी श्रद्धांजलि

गृह मंत्री ने कहा कि आज बाबू जगजीवन राम की जयंती है और मैं उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करना चाहता हूं. उन्होंने दलितों, पिछड़ों, गरीबों, आदिवासियों आदि के लिए काम किया और अपना पूरा जीवन उनके लिए समर्पित कर दिया. वे स्वतंत्रता संग्राम में शामिल थे और स्वतंत्रता के बाद देश के विकास में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

मां दंतेश्वरी की कृपा से उनका संकल्प पूरा होगा

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारा सौभाग्य है कि हमारे गृह मंत्री अमित शाह ने पूरे देश से 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को समाप्त करने का निर्णय लिया है. आज बहुत मजबूती के साथ नक्सलवाद से लड़ाई जारी है. हमें लगातार सफलता मिल रही है. मुझे पूरा भरोसा है कि मां दंतेश्वरी की कृपा से उनका संकल्प अवश्य पूरा होगा.

छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान तेज

2023 में बीजेपी के सत्ता में आने के बाद छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान तेज हो गए हैं. सुरक्षा बलों ने अब तक करीब 350 नक्सलियों को मार गिराया है, जिनमें से ज्यादातर बस्तर इलाके से हैं. हाल ही में 29 मार्च को बस्तर क्षेत्र में हुई दो मुठभेड़ों में 11 महिलाओं समेत 18 नक्सली मारे गए थे. शाह ने 1 अप्रैल को कहा था कि भारत में वामपंथी उग्रवाद से सबसे अधिक प्रभावित जिलों की संख्या 12 से घटकर 6 हो गई है.

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